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उड़द की आयात सीमा समाप्त होने के बावजूद सप्लाई से घरेलु बाजार में घबराहट

18 Sep 2018 3:50 pm
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मुंबई (कमोडिटीजकंट्रोल) - सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार सरकार द्वारा सालाना तय 1.5 लाख टन उड़द पर लगे मात्रात्मक प्रतिबन्ध की सीमा समाप्त हो जाने के बावजूद देश में उड़द की आवक बर्मा से लगातार हो रही है।

गौरतलब है की केंद्र सरकार ने उड़द और तुअर के आयात पर क्रमशः 1.5 लाख टन और 2 लाख टन की सीमा तय की थी और जिसकी समय सीमा अगस्त तक ही थी जो पहले ही समाप्त हो चुकी है।

जानकारों की माने तो केंद्र सरकार के नोटिफिकेशन के अनुसार आयात की छूट सिर्फ दाल मिलो के लिए ही था और जिसके लिए उनको एक निर्धारित कोटा और समय सीमा भी दी गई थी जो की अगस्त तक था।


बर्मा के एक व्यापारी ने बताया की वर्तमान वित्त वर्ष 2018-19 में उड़द की तय सीमा 1.5 लाख टन उड़द का आयात पहले ही हो चूका और अब जो शिपमेंट बर्मा से आ रहे हैं इसका आधार क्या उसे लेकर असमंजस बाजार में बना हुआ है।


उन्होंने बताया की बर्मा से 1000 कंटेनर (प्रत्येक 24 टन) उड़द लेकर जहाज चेन्नई पोर्ट के लिए पहले ही निकल चुका है और अभी भी भारतीय खरीददार उड़द की खरीदी के लिए बर्मा में सक्रिय हैं।


व्यापारियों ने बताया की उड़द के आयात की खबर से बाजार में घबराहट का माहौल है और घरेलु बाजार में इसके भाव में लगातार गिरावट देखने को मिल रही।


उड़द के साथ साथ 300 कंटेनर तुअर भी जल्द पहुँचने की रिपोर्ट है, हालांकि व्यापारियों के अनुसार तुअर का आयात फिलहाल संभव है क्योंकि अभी यह तय सिमा 2 लाख टन तक नहीं पहुंची है।


आज बर्मा में उड़द FAQ और SQ की भारीतय पोर्ट पर लागत क्रमशः 2,466 प्रति क्विंटल और 3,337 प्रति क्विंटल है, जबकि लेमन तुअर की लागत 2,502 प्रति क्विंटल है। जबकि घरेलु तुअर के भाव इन भाव से काफी ऊँचे है।


व्यापारियों के अनुसार फिलहाल तुअर को लेकर घबराहट नहीं है पर चूँकि खरीफ उड़द की सप्लाई कर्नाटक, महाराष्ट्र और तेलंगाना में जोरशोर से शुरू हो चूँकि और सरकार द्वारा एमएसपी भाव पर खरीदी अभी नहीं हो रही ऐसे में इसके भाव में और गिरावट की स्थिति बनती दिख रही है।


नाफेड भी एमएसपी भाव के निचे लगातार पुरानी उड़द की बिकवाली कर रही है, जबकि घरेलु बाजार में मांग सुस्त है जिसके कारण बाजार का सेंटीमेंट उत्साहजनक नहीं है।


चेन्नई के एक व्यापारी ने बताया की यदि उड़द और तुअर का आयात अनवरत जारी रहा तो आने वाले दिनों में कारोबारियों के साथ साथ किसानों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।


(कमोडिटीजकंट्रोल ब्यूरो द्वारा; +91-22-40015533)


       
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